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राजस्थान के पूर्व मंत्री की अशोक गहलोत को चुनौती, 'मेरा नार्को टेस्ट करवाकर साबित करें कि मैंने 10 करोड़ रुपये लिए थे'

 Edited By: Mangal Yadav @MangalyYadav
 Published : Jun 11, 2026 07:59 am IST,  Updated : Jun 11, 2026 08:06 am IST

पूर्व मंत्री रमेश मीणा ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को चुनौती दी कि अगर इस बात का कोई सबूत है कि उन्होंने 2020 के राजनीतिक संकट के दौरान 10 करोड़ रुपये लिए थे तो उनका 'नार्को टेस्ट' करवाया जाए।

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत। फाइल- India TV Hindi
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत। फाइल Image Source : ANI

जयपुर: राजस्थान के पूर्व मंत्री रमेश मीणा ने बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को चुनौती दी कि अगर इस बात का कोई सबूत है कि उन्होंने राज्य में 2020 के राजनीतिक संकट के दौरान 10 करोड़ रुपये लिए थे, तो वे उनका नार्को टेस्ट करवाएं। मीणा ने कहा कि वह नार्को टेस्ट करवाने के लिए तैयार हैं। 

गहलोत गुट मीणा पर लगाता रहा है ये आरोप

अशोक गहलोत खेमे के इस आरोप पर कि कांग्रेस के दिग्गज नेता के नेतृत्व वाली तत्कालीन कांग्रेस सरकार के खिलाफ बगावत करने वाले कुछ विधायकों ने सरकार गिराने के सौदे के तहत 10 करोड़ रुपये का एडवांस पेमेंट लिया था। मीणा ने कहा कि जब भी कांग्रेस को राजनीतिक बढ़त मिलती दिखती है, ऐसे ही आरोप बार-बार लगाए जाते हैं।

करौली में एक किसान सम्मेलन में बोलते हुए रमेश मीणा ने कहा, "मैं आपको (गहलोत) चैलेंज करता हूं कि मेरा नार्को टेस्ट करवाकर दिखाओ कि मैंने 10 करोड़ रुपये लिए हैं या नहीं। साथ ही, आपका भी नार्को टेस्ट होना चाहिए ताकि पता चल सके कि आपने इंडिपेंडेंट, BTP और BJP MLA को कितने पैसे दिए। हमारे पास डॉक्यूमेंट्स भी हैं।" मीणा ने दावा किया कि जब भी कांग्रेस को पॉलिटिकल ग्राउंड मिलता दिखता था, तो ऐसे ही आरोप लगाए जाते थे।

रमेश मीणा ने कहा कि अशोक गहलोत को तीन बार मुख्यमंत्री बनाया गया, लेकिन उनके लीडरशिप में कांग्रेस को चुनावी झटके लगे। उन्होंने राहुल गांधी से भी अपील की कि वे उन्हें सलाह देने वालों का सही असेसमेंट करें और इसके बजाय ईमानदार पार्टी वर्कर्स पर भरोसा करें। 

2020 में सचिन पायलट गुट के कई विधायकों ने की थी बगावत

बता दें कि 2020 में उस समय के डिप्टी चीफ मिनिस्टर सचिन पायलट और उनके कैंप के कई MLA ने अशोक गहलोत की लीडरशिप के खिलाफ बगावत कर दी थी, जिससे एक पॉलिटिकल संकट पैदा हो गया था, जिसे आखिरकार पार्टी लीडरशिप के दखल के बाद सुलझाया गया था। बगावत के कारण पायलट को डिप्टी चीफ मिनिस्टर और राजस्थान कांग्रेस चीफ के पद से हटा दिया गया था। 2020 में गहलोत सरकार के दौरान बगावत करने वाले विधायकों में रमेश मीणा भी शामिल थे। गहलोत खेमे का आरोप है कि कथित तौर पर सचिन पायलट गुट के रमेश मीणा ने सरकार को अस्थिर करने के लिए 10 करोड़ रुपये एडवांस में लिए थे।

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